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एस.एक्स .टी.

एस.एक्‍स.टी. 0.3-8.0 के.वो. ऊर्जा रेंज में प्रचालनरत दूरबीन पर ध्‍यान केंद्रित करने वाला   एक्‍स-रे है (अक्‍सर एक्‍स-रे को फिट से प्रत्‍येक फोटोन के रूप में संसूचित किया जाता है)। इनको अर्हता इनके तरंगदैर्घ्‍य के कारण नहीं बल्कि प्रकाशिकी के बिना एक्‍स-रे संसूचक के आरंभिक विकास के कारण प्राप्‍त अपनी ऊर्जा के कारण है। के.वो. फोटोन लगभग 1.2 एन.एम. के समान है (तुलना के लिए, नीले प्रकाश फोटोन में करीबन 3ई.वी. ऊर्जा होती है।)

सामान्‍य आपतन पर, चाँदी और अलुमीनियम सभी दृश्‍य प्रकाश को 90% से अधिक परावर्तित करते हैं, इसीलिए धातु की कोट को लगाया जाता है ताकि कांच से निर्मित दूरबीन शीशों पर प्रकाश को देखा जा सके। परावर्तन की मात्रा आपतन के grazing कोणों पर बढ़ता है। फिर भी, एक्‍स-रे शीशों का परावर्तन वैसे नहीं करते जैसे कि दृश्‍य प्रकाश करते हैं। उनकी उच्‍च-ऊर्जा के कारण, एक्‍स-रे फोटोन शीशों के अंदर इस प्रकार से प्रवेश करते हैं कि बुलैट दीवार से धमाके साथ टकराते है। एक्‍स-रे या तो पूरी तरह से समाहित हो जाते है या सामान्‍य आपतन पर वस्‍तुओं की ऊर्जा पर आधारित उसमें प्रवेश करते हैं। हालाँकि यह एक्‍स-रे फोटोन, यदि grazing आपतन का प्रयोग किया जाए तो कुछ वस्‍तुओं की सतह को परावर्तित करते हैं। इस सिद्धांत का प्रयोग एक्‍स-रे दूरबीनों के निर्माण में किया जाता है। 

Wolter-I geometry

एस.एक्‍स.टी ऐसी ही एक ज्‍यामिति का प्रयोग करता है, जिसे वोल्‍टर टाईप I ज्‍यामिति कहते हैं, इसमें एक्‍स-रे का परावर्तन दो बार किया जाता है, पहले पैरा वोलाइड शीशा भाग द्वारा और फिट फोकस करने से पूर्व हाईपरबालाइड शीशा भाग द्वारा और फिट फोकस करने से पूर्व हाईपरबोलाइड शीशा भाग द्वारा। इन शीशों को अनुप्रस्‍थ काट में शंकु सादृश्‍य के रूप में बनाने हेतु सोने के कोट वाले अलुमीनियम फॉयल का प्रयोग किया जाता है तथा कुछ चाप मिनटों का विभेदन प्राप्‍त किया जा सकता है। इससे दूरबीन हल्‍के वजन का हो सका है तथा चंद्रा और एक्‍स.एम.एम. - न्‍यूटोन के दूरबीनों से और अधिक परिशुद्ध बन सका है। ‘मुलायम’ शब्‍द का प्रयोग इस बात को इंगित करता है कि दूरबीन 0.3-8.0के.वो. रेंज में अपेक्षाकृत निम्‍न ऊर्जाओं पर ध्‍यान केंद्रित कर सकता है। एस´टी की लंबाई करीबन 2.5 मी है जबकि दूरबीन एनवेलोप व्‍यास 38.6 से.मी. है। दूरबीन में 320 नेस्‍टेड शीशे के फॉयल है जिससे एक्‍स-रे का संग्रहण क्षेत्र बढ़ाया जा सकता है। प्रत्‍येक फॉयल को 0.2 एम.एम. मोटे एल्‍यूमीनियम से बनाया गया है तथा परावर्तन हेतु उसे सोने से कोट किया गया है। 

A shaped and gold coated foil segment

केंद्रित एक्‍स-रे फोटोन को 600´600 पिक्‍सल सहित ठंडे किए गए चार्ज- coupled यंत्र  (सी.सी.पी.) द्वारा संग्रहित किया गया है। कुल क्षेत्र दृश्‍य आर्क एक्‍सेस का 41.3 मिनट है।   छिट-पुट शोर वाले फोटोन के जनन से बचने हेतु सी.सी.डी. को -80°सेंटीग्रेड से भी कम के तापमान में ठंडा किया गया है। यह इसलिए आवश्‍यक है क्‍योंकि खगोलीय वस्‍तुओं द्वारा प्राप्‍त किए गए एक्‍स-रे फोटोन प्रकाशिकी या अवरक्‍त जैसे लंबे तरंगदैर्घ्‍य के मुकाबले बहुत कम संख्‍या में है। एस´टी -सी.सी.पी. 0.3-8.0 के.वो. के बीच के विभिन्‍न एक्‍स-रे फोटोन को अलग कर सकते हैं; तथा साथ-ही-साथ लगभग 150 ई.वी. से 6 के.वो. का स्‍पैक्‍ट्रमी विभेदन भी प्रदान कर स‍कते है। एस´टी का ज्‍यामितीय क्षेत्र तथा द्रव्‍यमान 250 सेमी2 और 73.6 कि.ग्रा. है।

इस नीतभार का विकास टाटा आधारभूत अनुसंधान संस्‍थान (टी.आई.एफ.आर.), मुंबई द्वारा किया गया है। ठंडे सी.सी.डी. सहित फोकल प्‍लेन कैमरा ली‍सिस्‍टर विश्‍वविद्यालय, यू.के. द्वारा लाया गया है।