ISRO

नीतभार

वैज्ञानिक उद्देश्‍यों की पूर्ति के लिए मंगल कक्षित्र पर पॉंच नीतभार लगे हुए हैं। मंगल ग्रह के वायुमंडल व सतह के अध्‍ययन के लिए इस पर तीन विद्युत प्रकाशीय (इलेक्‍ट्रो ऑप्टिकल) तथा एक प्रकाशमापी (फोटोमीटर) नीतभार लगाए गए हैं, जो द्रव्‍य व तापीय अवरक्‍त स्‍पैक्‍ट्रमी बैंडों में काम करते हैं। किसी विशेष नीतभार के अनुपलब्‍धता से उत्पन्न स्थिति  से निपटने के लिए इसमें एक अतिरिक्‍त पूर्तिकर (बैकअप) नीतभार भी नियोजित किया गया है।

मंगल ग्रह मीथेन संवेदक (एमएसएम)

एमएसएम को मंगल ग्रह के वायुमंडल में पीवीएम परिशुद्धता के साथ मीथेन (CH4) की उपस्थिति को मापने तथा उसके स्‍त्रोतों के मानचित्रण के वास्‍ते डिजाइन किया गया है।ये आंकड़े केवल प्रकाशित दृश्‍यों पर अर्जित किए जाएंगे, क्‍योंकि संवेदक द्वारा परावर्तित सौर विकिरण का ही मापन हो सकता है। मंगल ग्रह के वायुमंडल में मीथेन की मात्रा स्‍थानिक व कालिक तौर पर परिवर्तनशील रहती है। इसीलिए प्रत्‍येक परिक्रमा के दौरान भू मंडलीय आंकड़े अर्जित किए जाएंगे।

मंगल रंगीन कैमरा (एमसीसी)

यह त्रिवर्णी कैमरा मंगल के सतही लक्षणों  व संरचनाओं के बारे में सूचनाएं व चित्र उपलब्‍ध कराएगा, जो मंगल ग्रह की परिवर्तनशील घटनाओं व मौसम के मानीटरन में उपयोगी हैं। मंगल रंगीन कैमरे को मंगल ग्रह के दो उपग्रहों, फोवोस तथा डेमोस के अन्‍वेषण में भी प्रयोग किया जाएगा। यह अन्‍य वैज्ञानिक नीतभारों के लिए संदर्भ सूचनाएं भी उपलब्‍ध कराएगा।

 
लेमैन अल्‍फा फोटोमीटर(एलएपी)

लेमैन अल्‍फा फोटोमीटर (एलएपी) अवशोषण सैल फोटोमीटर है। यह मंगल ग्रह के उपरी वायुमंडल (विशेषकर बर्हिमंडल व एक्‍सोबेस) में लेमैन अल्‍फा उत्‍सर्जन द्वारा ड्यूटेनियम व हाइड्रोजन की सापेक्षिक मात्रा का मापन करेगा। D/H (ड्यूटेनियम व हाइड्रोजन की मात्रा के अनुपात) द्वारा हमें मंगल ग्रह से जल समाप्ति की प्रक्रिया को समझने में विशेष मदद मिलेगी।

इस उपकरण के निम्‍न उद्देश्‍य है:

क. ड्यूटेनियम व हाइड्रोजन के अनुपात का आकलन
ख. हाइड्रोजन प्रभामंडल के पलायन अभिवाह (एस्‍केप फ्लक्‍स) का आकलन
ग. हाइड्रोजन व ड्यूटेनियम प्रभामंडलीय प्रोफाइल (कोरोनल प्रोफाइल) तैयार करना

मंगल ग्रह बहिर्मंडलीय निष्क्रिय संरचना विश्‍लेषक (एमईएनसीए)

मंगल ग्रह बर्हिमंडलीय निष्क्रिय संरचना विश्‍लेषक चतुर्गुणी मात्रा विकिरण मापी (स्‍पैक्‍ट्रोमीटर) हैं जो निष्क्रिय संरचनाओं का 1 से 300 एमएमयू के दायरे में एकक समूह (यूनिट मास) विभेदन युक्‍त विश्‍लेषण करने से सक्षम है। यह नीतभार चंद्रयान-1 अभियान में प्रयुक्त चंद्र संघट्टन अन्वेषक (मून इंपैक्ट प्रोब) में लगे चंद्रा अभिवृतिक संरचना समन्‍वेषक (चंद्राज़ एटिट्यूडनल कॉंपोजीशन एक्सप्लोरर) घराने की देन है।

 
 
तापीय अवरक्‍त बिंबन विकिरणमापी (टीआईएस)

तापीय अवरक्‍त बिंबन विकिरणमापी द्वारा तापीय उत्‍सर्जन को मापा जाता है तथा दिन-रात प्रचालित किया जा सकता है। तापीय उत्‍सर्जन के मापन द्वारा दो मूल भौतिक प्राचलों, तापमान व उत्‍सर्जनता का आकलन किया जाता है। अनेक खनिजों व मृदाओं के तापीय अवरक्‍त क्षेत्र में विशेष विकिर्णिक लक्षण होते हैं। तापीय अवरक्‍त विकिरणमापी द्वारा मंगल ग्रह की सतह व खनिजीय संरचना का मानचित्रण किया जा सकता है।